Tuesday, 20 March 2018

कुण्डलिनी जागरण साधना मंत्र तरीका

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कोई भी साधक कुण्डलिनी जागरण साधना करना चाहता है तो इसके लिए आवयश्क मंत्र तरीका विधि कुण्डलिनी कैसे जगाये और इसके क्या लक्षण होते के बारे पर्याप्त मार्गदर्शन के बाद ही प्रयोग करे| मनुष्य की कुण्डलिनी उसके मूलाधार चक्र में साढ़े 3 फेरे लेकर उपस्थित रहती है. ये जब जागृत होती है तो ऊपर की तरफ गति करने लगती है| अध्यात्म और योग में कुण्डलिनी जागरण साधना थोड़ी जटिल और कष्टदायी है, आध्यात्मिक विकास के मार्ग पर चलने वाले साधकों की कुंडलिनी सहज रूप से जाग्रत हो जाती है| लेकिन योग साधना और आध्यात्मिक विधियों में कुंडलिनी जागरण की विशिष्ट विधियाँ भी हैं| कुंडलिनी का जागरण बहुत ही विस्फोटक असर पैदा करता है इसलिए कुण्डलिनी जागरण साधना करने वाले व्यक्ति को विशेष सावधानी रखने की ज़रूरत होती है|

कुण्डलिनी जागरण साधना मंत्र तरीका

कुण्डलिनी जागरण साधना करने वाले साधकों को कुंडलिनी जागरण के प्रभावों के बारे में स्पष्ट समझ होना ज़रूरी है| कुण्डलिनी आत्मा और शरीर के बीच बफ़र का काम करती है| कुण्डलिनी की वजह से शरीर को होने वाले कोई भी अनुभव आत्मा तक नही पहुँच पाते, प्रकृति ने कुण्डलिनी को एक विशेष उद्देश्य के लिए निर्मित किया है| इसलिए इसको जागते समय विशेष सावधानी और किसी सिद्ध पुरुष का सानिध्य आवश्यक है|

कुण्डलिनी जाग्रत होने पर साधक को अद्भुत अनुभव होने लगते हैं और विशेष सिद्धियाँ भी प्राप्त होने लगती हैं, कुण्डलिनी के जाग्रत होने पर साधक पानी पर चलने जैसे चमत्कार भी कर सकता है| इसके अलावा जिस व्यक्ति की कुण्डलिनी जाग्रत हो जाती है वह दूसरे के विचारों को भी पढ़ सकता है| जब साधक की कुण्डलिनी जागृत होती है तो उसके मूलाधार चक्र में कम्पन होने लगता है और वहां से सर्पिलाकार तरंगे उठने लगती हैं| साधक को एक से अधिक शरीर होने का आभास होने लगता है, कुण्डलिनी के जाग्रत होने पर अद्भुत आध्यात्मिक लाभ होने लगते हैं| जिन साधकों की कुण्डलिनी जागृत हो जाती है उन्हें अपूर्व स्वास्थ्य लाभ होने लगता है, उनके चेहरे पर अलग ही आभा दिखाई देने लगती है|

कुण्डलिनी को जागृत/जागरण कैसे करें/विधि/उपाय:-

अगर आप जानना चाहते हैं कि कुण्डलिनी को जागृत कैसे करें तो यहाँ दी गयी कुण्डलिनी जागरण की विधि का अनुसरण करें| कुण्डलिनी जागरण साधना में जोखिम होने के कारण गुरुओं से इसे गुप्त रखने का प्रयास किया है| योग क्रिया के अंतर्गत कुण्डलिनी के जागरण की सबसे सरल विधि दी गयी है| कोई भी साधक जो कुण्डलिनी का जागरण करना चाहता है उसे किसी गुरु के मार्गदर्शन में ही ऐसा करना चाहिए| गुरु या सिद्ध योगी की अनुपस्थिति में किया गया प्रयास आपके लिए हानिकारक हो सकता है| ध्यान की विधियों के अंतर्गत कुण्डलिनी का जागरण किया जा सकता है| जो साधक ध्यान की विधियों का नियमित अभ्यास करते हैं उनके लिए इस विधि से कुण्डलिनी जागरण सुगम हो जाता है|

कुंडलिनी को जाग्रत करने के लिए शरीर के चक्रों पर ध्यान केन्द्रित करना होता है, मूलाधार चक्र से लेकर सहस्रार चक्र तक ध्यान करने से कुंडलिनी का जागरण संभव हो जाता है| कुण्डलिनी जागरण साधना में सात चक्रों पर ध्यान केन्द्रित किया जाता है, मूलाधार चक्र पर ध्यान केन्द्रित करने से यह जाग्रत हो जाता है और इस चक्र से सम्बंधित विकार शरीर से दूर होने लगते हैं| इस चक्र की जाग्रति पर साधक निर्भीक और आनंदित रहने लगता है, इस चक्र पर ध्यान करते हुए साधक को ‘लं’ इस मन्त्र का जप करना चाहिए|

मूलाधार चक्र के ऊपर स्वधिष्ठान चक्र होता है इस पर ध्यान लगाने के लिए ‘वं’ इस मन्त्र का उच्चारण किया जाता है, इस चक्र के जाग्रत होने पर सभी दुर्गुण समाप्त हो जाते हैं और साधक को विशेष सिद्धि प्राप्त होती है| मनुष्य की नाभि के पास मणिपुर चक्र होता है, इस चक्र पर ध्यान केंद्रित हुए मन्त्र ‘रं’ का उच्चारण करें| इस चक्र की जागृति होने पर साधक के भीतर आत्मशक्ति बढ़ जाती है|

मनुष्य के शरीर में चौथा चक्र अनाहत चक्र होता है, इस चक्र पर ध्यान करते हुए ‘यं’ इस मन्त्र का उच्चारण करना चाहिए| रात्रि सोते समय इस चक्र का ध्यान करना चाहिए| ये चक्र ह्रदय के स्थान के पास होता है, यहाँ ध्यान लगाने से साधक की रचनात्मकता की वृद्धि हो जाती है| इसके बाद पांचवा चक्र विशुद्ध चक्र होता है, ये चक्र कंठ के पास स्थित होता है| इस चक्र पर माँ सरस्वती का वास होता है, इस चक्र के जागृत होने पर सोलह कलाओं का ज्ञान हो जाता है| इस चक्र को जाग्रत करने के लिए कंठ पर ध्यान केन्द्रित करते हुए ‘हं’ इस मन्त्र का उच्चारण करना चाहिए|

इसके बाद मनुष्य के शरीर में छटवां चक्र होता है उसे आज्ञा चक्र कहते हैं, आज्ञा चक्र के जागने से व्यक्ति बहुत ज्ञानी हो जाता है| आज्ञा चक्र के जागने से आध्यात्मिक विकास बहुत तेज़ गति से होता है| आज्ञा चक्र को जगाने के लिए दोनों आँखों के बीच भ्रकुटी के मध्य ध्यान करते हुए ‘ॐ’ का ध्यान करना चाहिए, इस चक्र पर ध्यान करने से बहुत सारी सिद्धियाँ प्राप्त की जा सकती हैं| कुंडलिनी जागरण साधना के अंतर्गत अंतिम चक्र सहस्रार चक्र होता है|

जब मनुष्य के विद्दयुत शरीर की शक्तियां मूलाधार से उठकर सुषुम्ना नाड़ी से बहती हुई सहस्रार तक पहुँच जाती है तो साधक बुद्धत्व को प्राप्त हो जाता है| सहस्रार चक्र मनुष्य के सिर के ऊपर चोटी के स्थान पर स्थित होता है, जब मनुष्य के शरीर की ऊर्जा गति करके सहस्रार तक पहुँच जाती है तो वह परम शक्ति में विलीन होने की स्थिति तक पहुँच जाता है| इस अंतिम चक्र के जागृत होने पर मनुष्य सांसारिक चक्र से मुक्त हो जाता है, ऐसे सिद्ध पुरुष के मस्तिष्क के चारों तरफ एक आभा मंडल निर्मित हो जाता है|

कुण्डलिनी जागरण साधना:-

जब कुण्डलिनी जागरण साधना से किसी साधक की कुण्डलिनी जागृत हो जाती है तो उसे बहुत ज्यादा ऊर्जा प्राप्त हो जाती है, कुण्डलिनी के जागृत होने होने वाले अनुभव कभी-कभी भयभीत कर देने वाले भी होते हैं, जैसे कभी-कभी साधक को लगता है कि उसके एक से ज्यादा शरीर हैं और उनका भी उसी की तरह अलग अस्तित्व है| कुण्डलिनी जागरण साधना के दौरान को दूसरे शरीर का बोध होता है वह मनुष्य का सूक्ष्म शरीर होता है, इस शरीर को विद्युत शरीर भी कहते हैं| यौगिक प्रक्रियाओं में कुण्डलिनी को जागृत करने के लिए कई विधियाँ है, इस कुण्डलिनी जागरण साधना में किसी भी तरह से मूलाधार चक्र पर स्थित समस्त ऊर्जा को उर्ध्वगामी करके सहस्रार चक्र तक पहुँचाना होता है| मूलाधार पर ये सुषुप्त होती है लेकिन सहस्रार पर पहुंचकर से अद्भुत प्रभाव पैदा करने लगती है|

कोई साधक हठ योग या राज रोग के प्रयोग से कुण्डलिनी को जागने का उपाय कर सकता है, लेकिन इस तरह का प्रयोग करते समय बहुत अधिक सावधानी रखना बहुत ज़रूरी है| कुण्डलिनी के जागरण की प्रक्रिया में समय बहुत लगता है इसलिए ऐसा करते हुए धैर्य बनाये रखना भी ज़रूरी है| कुण्डलिनी के जाग्रत होने पर ऊर्जा को उचित गति नही दे पाने के कारण साधक विक्षिप्त भी हो सकता है, इसलिए सबसे ज़रूरी बात ये है कि कुण्डलिनी जागरण साधना करने से पहले हमसे जरूर मार्गदर्शन लें|


यदि कोई भी मनुष्य कुण्डलिनी को जागरण करना चाहता है तो इसके लिए इसकी साधना करनी पड़ती है| इसके मंत्र का प्रयोग कर कुण्डलिनी को जागृत किया जा सकता है| कुण्डलिनी जागरण विधि/तरीका और इसको सिद्ध घोर तपस्या से ही किया जा सकता है| कुंडलिनी जागरण को सिद्ध करने से पहले गुरु जी से सलाह अवस्य ले लेवे|

किसी के नाम से वशीकरण करने के मंत्र टोटके उपाय


नाम से वशीकरण कैसे करें - ज्योतिष में जीवन को सरल और प्रभावी बनाने के कुछ शक्तिशाली उपाय हैं। नाम वशीकरण आपके प्रेम संबंध, पारिवारिक समस्याओं, व्यापार प्रतिद्वंद्विता, विकास के अवसर, सरकारी नौकरी चयन आदि से संबंधित लगभग हर चीज को हल करने में आपकी मदद कर सकता है। ये मंत्र तलाक, संपत्ति विवाद, आपके साथी या जीवनसाथी की रुचि की हानि, पति को आकर्षित कर सकते हैं। पत्नी, शत्रु पर नियंत्रण, अपने बॉस को प्रभावित करना आदि। ज्योतिषी अग्निवेश आपको बताते हैं कि विभिन्न तरीकों का उपयोग करके नाम से वशीकरण कैसे करें। 17+ से अधिक वर्षों के गहन अनुभव के साथ, वह सटीक परिणाम प्रदान करता है।
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वशीकरण एक पवित्र कला है जिसमें सफलता के स्तरों को प्राप्त करने के लिए बहुत अधिक एकाग्रता और सही मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। जीवन में आपकी परेशानियां अलग-अलग हो सकती हैं लेकिन नाम से शक्तिशाली वशीकरण मंत्र का उपयोग करने से सभी समस्याएं दूर हो सकती हैं। ज्योतिषी अग्निवेश द्वारा हिंदी में नाम से वशीकरण कैसे करें ने लाखों लोगों को सही समाधान प्राप्त करने में मदद की है। यहां, हम आपके साथ घर पर त्वरित उपचार के लिए कुछ आसान वशीकरण साझा करेंगे।

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यदि किसी का नाम लेकर उसको वश में करना चाहते है तो नाम से वशीकरण करने के मंत्र टोने टोटके का प्रयोग कर उसको वशीभूत किया का सकता है| किसी को भी निम्बू या नाम से वशीकरण कैसे करे और ये कैसे होता है सब संभव होता है यहां पर| किसी व्यक्ति को वश में करके उससे अपने अनुरूप काम करवाने के लिए नाम के द्वारा वशीकरण किया जाता है, नाम से वशीकरण कैसे करे ये जानने के लिए नाम वशीकरण के ज्योतिषिक उपायों या टोटकों को जानना ज़रूरी है| कुछ सरल टोटके और मन्त्रों की सहायता से किसी व्यक्ति के नाम का प्रयोग करके उसका वशीकरण किया जा सकता है| जो व्यक्ति जानना चाहते हैं कि नाम से वशीकरण कैसे करे तो उन्हें यह भी जानना ज़रूरी है कि वशीकरण का प्रयोग करते समय मन में किसी का अहित या बुरा करने की भावना नही होनी चाहिए|

किसी के नाम से वशीकरण करने के मंत्र टोटके उपाय

आप नाम से वशीकरण के उपाय करके शत्रु पर विजय पा सकते हैं, इसके द्वारा आप अपने प्रेम को पा सकते हैं| यदि आपकी पत्नी आपसे रूठ गयी है या फिर आपके पति किसी दूसरी औरत के चुंगल में फंस गए हैं तो आप नाम से वशीकरण कैसे करे ये जान लें, क्योंकि इन साधारण नाम वशीकरण के तरीकों से आपको चमत्कारिक लाभ होगा|

नाम से वशीकरण करने के मंत्र/टोटके:-

“ओम कलीम कृष्णय” इस मन्त्र को हर दिन 551 बार उच्चारित करें, अपने प्यार को पाने या रूठे हुए साथी को मनाने में ये मन्त्र बहुत असरदार सिद्ध हुआ है| इस मंत्र के लिए शुक्रवार का दिन उचित होता है, इसलिए इसी दिन से आप मन्त्र का जाप शुरू करें| ये प्रयोग या टोटका आपको हर शुक्रवार लगातार 7 बार करना है. इसके लिए आपको सात पान के पत्तों, पानी और सिंदूर की आवश्यकता होगी| प्रतिदिन सुबह स्नान आदि से निपटने के बाद इस मंत्र को पान के पत्तों पर पढ़ें, उसके बाद जिस व्यक्ति का प्रेम आप पाना चाहते हैं उसका एक पान के पत्ते पर नाम लिख कर अपने ऊपर से बाएं से दायें की तरफ़ घुमाएँ और दूर कहीं ले जाकर फेंक दें| ये उपाय करने के बाद आप जिसे वश में करना चाहते हैं उसके सम्मुख जाएँ|

इस टोटके का प्रयोग करते समय मांस, मदिरा या व्यभिचार न करें, अपने मन में धार्मिक भाव रखें और अपने प्रयासों के प्रति मन में शंका पैदा न होने दें| ये प्रयोग पूरे 7 शुक्रवार तक करें, अगर आप प्रयोग बीच में बंद कर देंगे तो आपको अपेक्षा के अनुसार परिमाण नही मिल पायेगा| कई लोग अपने दुश्मनों से परेशान रहते हैं और उनकी जिज्ञासा रहते हैं कि दुश्मन का उसके नाम से वशीकरण कैसे करे| यहाँ पर जो मन्त्र और उसका प्रयोग आपको बताया जा रहा है उसके प्रयोग से आपके दुश्मन आपसे भयभीत होकर दुश्मनी भूल जायेंगे. ये मन्त्र इस प्रकार है – “ज्ञानी न मापी चेतान्सी देवी भगवती हिंसा ग्रहा बलदा कृष्य मोहाय महामाया परयाकष्टि”|

नींबू/निम्बू से वशीकरण:-

इस मंत्र के द्वारा नाम वशीकरण करने के लिए आपको 2 पीले नींबू, एक काला कपड़ा, एक सफ़ेद कोरा कागज और लाल सिंदूर की ज़रूरत होगी| इस टोटके को करने के लिए शनिवार का दिन अति उत्तम होता है. शनिवार के दिन आप सुबह उठ कर स्नान करके स्वच्छ कपड़े पहन कर मंदिर जाएँ और वहां पर भगवान के आगे माथा टेकें| अब नींबू को लेकर किसी सुनसान स्थान पर जाएँ, यहाँ पर एक नींबू पर ख़ुद का नाम लिखें और दूसरे निम्बू पर उस व्यक्ति का नाम लिखें जो दुश्मन बनकर आपके जीवन में परेशानी पैदा कर रहा है| इसके बाद एक कोरे सफ़ेद कागज़ में उस व्यक्ति का नाम हरी स्याही से 251 बार लिखें| अब दोनों नींबू को कागज़ में लपेट दें और ऊपर दिए गये मंत्र का 251 बार जाप करें|

जप पूरा होने के बाद निम्बू को कागज़ से बाहर निकाल लें और उस नींबू को बीच से काट दें जिस पर आपने शत्रु का नाम लिखा है, ध्यान रहे कि नींबू काटते समय शत्रु का नाम भी बीच से कट जाए| अब इस कटे हुए नींबू का रस पी लें, बचे नींबू और कागज़ को दूसरे दिन नदी में प्रवाहित कर दें| ये टोटका पूरा होने के बाद प्रतिदिन सुबह लगातार 11 दिनों तक मन्त्र का उच्चारण करना न भूलें| इस वशीकरण के प्रयोग से आपके शत्रु का सारा नकारात्मक प्रभाव नष्ट हो जायेगा, या तो वह आपकी ज़िन्दगी से हमेशा के लिए दूर हो जायेगा या फिर वह आपका मित्र बनकर व्यवहार करेगा|

नाम से वशीकरण:-

कई बार आपके सामने कई लोगों को अपने प्रभाव के लेने की ज़रूरत होती है, ऐसे में एक समुह के लोगों का नाम से वशीकरण कैसे करे ये जानना ज़रूरी हो जाता है| आप कई लोगों पर एकसाथ वशीकरण के लिए इस उपाय को कर सकते हैं, आप जितने लोगों को वशीभूत करना चाहते उतनी संख्या सुपारी लें| अब एक सफ़ेद रंग के कोरे कागज़ पर उन सभी लोगों का नाम लिखें जिन्हें आप अपने वश में करना चाहते हैं| अब एक काला कपड़ा लें और इसमें सभी सुपारियों और कागज़ को लपेट लें| इस पोटली को अपने सामने रखकर इस मन्त्र का जाप करें|

मंत्र – “ओम नमो नारानाय सर्व लोकान मम वशय कुरु कुरु स्वः” ||

इस मंत्र को पोटली के सामने 121 बार जपे और फिर किसी अमावस की रात्रि में इसे सिर से घुमाकर किसी शमशान में आग में घी से जला दें| इस टोटके के प्रयोग से सभी लोगों पर आपके वशीकरण का असर साफ़ दिखाई देने लगेगा| कई स्त्रियाँ अपने पति का प्यार पाना चाहती हैं लेकिन उनका पति किसी दूसरी महिला के पीछे दीवाना हो जाता है. अगर पति पर आपके प्यार का प्रभाव कम हो रहा है तो आपको नाम से वशीकरण कैसे करे ये जानना बेहद ज़रूरी है| इस उपाय को करने के लिए शुक्रवार के दिन इस मन्त्र का जाप करें|

मन्त्र इस प्रकार है – “ओम हारीम कुरूम पिसचिनी ( यहाँ पर जिस व्यक्ति का वशीकरण करना हो उसका नाम लें) मं वशियम भवन्ति” ||

इस मन्त्र को लगातार 5 शुक्रवार जाप करें, मंत्र उच्चारण पूरा करने के बाद कोरा सफ़ेद कागज लेकर उस पर अपने पति का नाम लिखें और एक मोर कलगी लेकर उसे कागज में लपेट दें| इसके बाद ऊपर दिए मन्त्र का 11 बार जप करें फिर इसे रेशम के कपड़े में लेकर बांध दें| अब इसे घर में सात दिन तक किसी गुप्त स्थान पर रखें, सात दिन पूरे होने पर इसे निकालें और किसी एकांत जगह पर घी डालकर जला दें| इस सरल से प्रयोग से पति का वशीकरण हो जाता है और वह परायी स्त्री को भूलकर आपके प्रेम में पड़ जाता है| अब आप जान चुके हैं कि नाम से वशीकरण कैसे करे? नाम से वशीकरण करते हुए अपने अंदर कोई नकारात्मक विचार नही आने देना चाहिए| ईश्वर में अटूट विश्वास होने पर आपको तत्काल लाभ प्राप्त होता है|


यदि किसी व्यक्ति का नाम जानते है और उसको अपने वश में करना चाहते है तो नाम से वशीकरण मंत्र द्वारा सब संभव है| किसी को भी नाम से वशीकरण टोटके उपाय द्वारा अपने काबू में किया जा सकता है| निम्बू के टोने टोटके से तो अपने दुश्मन को भी काबू में किया जा सकता है | यदि कोई भी अपने प्रेमी या जिससे प्यार करते हो उसको अपने वश में करना चाहते है तो उसका नाम लेकर मंत्र का उचारण द्वारा अपने काबू में कर सकते है| कोई प्रभावशाली वशीकरण मंत्र का प्रयोग करने से पहले गुरु जी से परामर्श अवश्य करे| यदि किसी और  तरीके से अपने प्यार को पाना है या काबू में करना है तो संपर्क करे और जीवन की हर समस्या का समाधान पाए|

इस शाबर वशीकरण मंत्र/Vashikaran Mantra द्वारा किसी को भी अपने वश में करें |

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|| स्त्री वशीकरण मंत्र/ Vashikaran Mantra ||
वशीकरण एक ऐसी विद्या है जो प्राचीन काल से अपने रुके हुए कार्यों और किसी भी मनचाहे व्यक्ति को अपने वश में करने हेतु प्रयोग में लायी जाती है | आज के समय में वशीकरण शब्द को सुनकर अक्सर लोग मन में  नकारात्मक भाव लाने लगते है ऐसे लोगो की नजर में वशीकरण सिर्फ और सिर्फ दूसरों को अहित पहुचाने की विद्या है | इसका कारण यह भी है कि वशीकरण का प्रयोग आज के समय में अधिकतर दूसरों को अहित पहुँचाने के लिए किया जाता है | वशीकरण के लिए धरम शास्त्रों में अनगिनत मंत्र है जिनमें शाबर वशीकरण मंत्रों/Vashikaran Mantra  का अपना ही एक अलग महत्व है | शाबर मंत्र द्वारा वशीकरण करना बहुत ही सरल है और इसमें किसी विशेष सिद्धि की आवश्यकता नहीं होती है |

वशीकरण में शाबर मंत्रो का विशेष योगदान रहा है | शाबर मंत्र देसी और देहाती भाषा में लिखे गये ऐसे मंत्र होते है जिनका अर्थ स्पष्ट नही होता किन्तु इनका प्रयोग बहुत ही प्रभावशाली होता है | शाबर मंत्र अपने आप में सिद्ध मंत्र होते है इसलिए इन्हें सिद्ध करने की भी कोई आवश्यकता नही होती | आज हम आपको एक ऐसे ही शाबर वशीकरण मंत्र/Vashikaran Mantra  के विषय में जानकारी देने वाले है जिसके प्रयोग से आप किसी को भी अपने वश में कर सकते है |

मंत्र इस प्रकार है (Vashikaran Mantra) : –

काला कलुआ चौंसठ वीर |

ताल भागी तोर |

जहाँ को भेजूं वहीं को जाये

माँस – मज्जा को शब्द बन जाये |

अपना मारा , आप दिखावे |

चलत बाण मारूं |

उलट मूठ मारूं |

मार मार कलुवा |

तेरी आस चार |

चौमुखा दीया |



मार बादी की छाती |

इतना काम मेरा न करे तो तुझे

माता का दूध पिया हराम |

प्रयोग विधि : –

उपरोक्त शाबर मंत्र को कंठस्त कर ले | अब आप जिस भी स्त्री या पुरुष को अपने वशीभूत करना चाहते है उसके बाएँ पाँव की मिट्टी ले आये | अब इस मिट्टी को इस शाबर मंत्र द्वारा 21 बार अभिमंत्रित कर ले | मिट्टी को अभिमंत्रित करने के लिए आप इस प्रकार करें : – मिट्टी को अपने दायें हाथ में रख ले और अब पूर्व दिशा की तरफ मुख करके बैठ जाएँ | शाम के समय आप इस कार्य को कर सकते है | अब आप इस शाबर  वशीकरण मंत्र का एक बार जाप करें और मिट्टी की तरफ फूंक लगायें | इसी प्रकार आप 21 बार मंत्र को पढ़े और प्रत्येक मंत्र जाप के बाद मिट्टी पर फूंक लगाये |  ⇒ नौकरी और व्यापार में उन्नति के अचूक उपाय |

इस प्रकार से यह मिट्टी अभिमंत्रित हो जाती है | ध्यान दे इस कार्य को आप घर पर ही कहीं एकांत स्थान पर करें | अब आप इस मिट्टी को उस व्यक्ति के सिर पर डाल दे | ऐसा करते ही वह स्त्री या पुरुष जिस पर भी आपने यह क्रिया की है वह आपके वशीभूत हो जायेगा |

वशीकरण एक ऐसी क्रिया है जिसमे आत्मविश्वास का होना बहुत जरूरी है | वशीकरण करने वाला व्यक्ति यदि आत्मविश्वास से कमजोर है तो वशीकरण प्रभावी नही होगा | इस प्रकार के वशीकरण का प्रयोग मानव हित में ही करना चाहिए |

Note :- इस प्रकार के वशीकरण का प्रयोग आप किसी गुरु की देख -रेख में ही करें | for more detail call Horoscope by date of birth